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Friday, 11 May 2018

न उच्चार्थो विफलोऽपि दूषणपदं दूष्य:तु कामो लघु: ||

बड़ी सपने / लक्ष्य की विफलता में कोई गलती नहीं है। लेकिन व्यक्तिगत स्वार्थी लाभ के लिए सोचने के लिए यह बड़ी गलती है
There is no fault in the failure of the big dreams/aims. But it's big fault even to think for the personal selfish gains.

Thursday, 15 February 2018

स्मृत्वा स्मृत्वा याति दुःखं नवत्वम्।

स्मरण कर करके दुःख नवीनता को प्राप्त होता है।

By remembering, sad newness is achieved.

Friday, 9 February 2018


सर्वनाशे समुत्पन्ने ह्यर्धं त्यजति पण्डितः ।
जब सब कुछ दांव पर लगा होता है,
बुद्धिमान दूसरे आधा को बचाने के लिए आधे भाग छोड़ देता है।
When everything is at stake, the wise leaves half of it to save the other half.

Thursday, 8 February 2018

आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत् ।

जो कि खुद को चोट पहुंचा रहा है वह दूसरों के साथ नहीं किया जाना चाहिए।

jo that is hurting himself should not be treated with others.

Tuesday, 6 February 2018

 त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि काले ।

संकट काल में भी धैर्य का त्याग नहीं करना चाहिए ।

Should not sacrifice patience even during the crisis

Saturday, 3 February 2018

दैवे दुर्जनतां गते तृणमपि प्रायेण वज्रायते।
जब भाग्य दुर्बल हो तब सामान्य तृण भी कठोर वज्र जेसा लगता है ।
When the Luck is weak, then ordinary straw also looks like a harsh weapon.

Saturday, 27 January 2018

ईर्ष्या कलहमूलं स्यात् ।

ईर्ष्या जगडे का मूल है

Jealousy is the root of war

Friday, 26 January 2018

एकः शत्रुर्न द्वितीयोऽस्ति शत्रुरज्ञानतुल्यः पुरुषस्य राजन् ॥

हे राजन् ! इन्सान का एक हि शत्रु है, अन्य कोई नहीं; वह है अज्ञान |

Hey Rajan! One is the enemy of the human being; none other is the ignorance

Thursday, 25 January 2018

मनोरथानां न समाप्तिरस्ति ।

इच्छाओ की कभी समाप्ति नहि होति वे दिनप्रतिदिन बढ़ती ही जाती है ।

The desire never ends, it increases day by day.

मन्दोऽप्यमन्दतामेति संसर्गेण विपश्चितः ।

मूर्ख भी बुद्धिमानों के संसर्ग से बुद्धिमान हो जाता हैं ।

The fool also becomes intelligent with the intent of the intelligent.

Wednesday, 24 January 2018

सामान्याधिकरणं हि तेजस्तिमिरयोः कुतः ।

Where is comparison between light and darkness ? There is no comparison at all.

प्रकाश और अंधकार के बीच की तुलना कहां है? इसमें बिल्कुल तुलना नहीं होती है।

Sunday, 21 January 2018

अभ्यावहति कल्याणं विविधं वाक् सुभाषिता ।

अच्छी तरह बोली गई वाणी अलग अलग प्रकार से मानव का कल्याण करती है ।

पित्तेन दूने रसने सितापि तिक्तायते

When the tongue is corrupted by pitta, even sugar tastes bitter.

जब जीभ पीत्त से भ्रष्ट होती है, तब चीनी भी कड़वा स्वाद देती है । जब दोष युक्त हो जाते है तो अच्छाई भी बुराई लगती है ।

दम्पत्यो कलहो नास्ति तत्र श्रीः स्वयमागता॥

पति पत्नी के मध्य कलह नहीं होता वहाँ लक्ष्मी स्वयं आ जाती हैं। परस्पर प्रेम करे ।

वचस्तत्र प्रयोक्तव्यं यत्रोक्तं लभते फलम्।

वाणीका उपयोग वहा करना चाहिए जहा उसका फल मिले । व्यर्थ भाषण कभी न करे ।

Wednesday, 20 December 2017

क्लेशः फलेन हि पुनर्नवतां विधत्ते ।

कार्य करने पर यदि फल भी मिल जाए तो सारे कष्ट और क्लेश भूल जाते हैं ।

दैवं निहत्य कुरु पौरुषमात्मशक्त्या ।

दैव का विचार किये बगैर अपनी शक्ति अनुसार प्रयत्न करो ।

Thursday, 7 December 2017

केषां न स्यादभिमतफला प्रार्थना ह्युत्तमेषु ।।

उत्तम जनों से की हुई प्रार्थना किसकी सफल नहीं होती । अर्थात् सज्जनो से प्रार्थना करने के बाद कोई भी हताश नहीं होता ।

Saturday, 2 December 2017

प्राय: सर्वो भवति करुणावृत्तिराद्रन्तिरात्‍मा l

मृदु हृदयवाले व्‍यक्तियों की चित्‍त-वृत्ति प्राय: करुणा से भरी होती है।

सूर्यापाये न खलु कमलं पुष्‍यति स्‍वामभिख्‍याम्

सूर्य के अभाव में कमल कभी अपनी पूरी शोभा नहीं दिखा पाता।

Without the sun lotus can not show his cuteness.