Labels
- अध्यात्म (38)
- गुरु ( GURU ) (11)
- जीवन (Life) (81)
- दान (donation) (13)
- परिश्रम ( Hard Work ) (6)
- माँ (8)
- विद्या ( KNOWLEDGE ) (23)
- सज्जन - दुर्जन (35)
- सफलता success (7)
- सुभाषित (50)
- सुविचार (66)
- सूक्ति (36)
- हितोपदेश (24)
Saturday, 14 April 2018
Sunday, 8 April 2018
Friday, 30 March 2018
स जातो येन जातेन याति वंश: समुन्न्तिम् ||
Thursday, 29 March 2018
तॄणं न खादन्नपि जीवमान: तद्भागधेयं परमं पशूनाम् ||
Monday, 26 March 2018
व्याधितस्योषधं मित्रं धर्मो मित्रं मॄतस्य च ||
Thursday, 22 March 2018
तस्माद् रक्षेत् सदाचारं प्राणेभ्योऽपि विशेषत: ||
Wednesday, 21 March 2018
अबुद्धिमाश्रितानां तु क्षन्तव्यमपराधिनाम् । न हि सर्वत्र पाण्डित्यं सुलभं पुरुषेण वै ॥
अनजाने में जिन्होंने अपराध किया हो उनका अपराध क्षमा किया जाना चाहिए, क्योंकि हर मौके या स्थान पर समझदारी मनुष्य का साथ दे जाए ऐसा हो नहीं पाता है । भूल हो जाना असामान्य नहीं, अतः भूलवश हो गये अनुचित कार्य को क्षम्य माना जाना चाहिए ।
Tuesday, 20 March 2018
कॄच्छे्रपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मन: ||
Friday, 16 March 2018
युध्यस्य तु कथा रम्या त्रीणि रम्याणि दूरत: ||
Friday, 2 March 2018
सुभाषितं च सुस्वादु सद्भिश्र्च सह संगम: ||
Thursday, 1 March 2018
लोकोत्तराणां चेतांसि को विज्ञातुमर्हति ।।
Monday, 19 February 2018
भर्ता च स्त्रीकॄतं पापं शिष्यपापं गुरू: तथा ||
Sunday, 28 January 2018
अभिवादनशीलस्य नित्यं वॄद्धोपसेविन:।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्॥
जो विनम्र होते हैं और जो आयु, ज्ञान एवम् अनुभव में वृद्ध होते हैं, उनकी नित्य सेवा एवम् सान्निध्य प्राप्त करने से आयु, विद्या, यश और बल की वृद्धि होती है।
Those who are humble and who are older in age, knowledge and experience, achieve their daily service and proximity, increase their age, education, success and strength.
Thursday, 25 January 2018
पादाभ्यां न स्पृशेदग्निं,
गुरुं ब्राह्मणमेव च l
नैव गां न कुमारीं च,
न वृद्धं न शिशुं तथा ll
इन सात को कभी पैर नहीं लगना चाहिए। इन्हें पैर से छूने का अर्थ इनका अपमान करना है जिससे घोर पाप लगता है।
ये सात हैं- अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी कन्या, वृद्ध तथा अबोध बालक।
Fire, Teacher, Brahmin, Cow, Unmarried Girl, Old people and Children seven things never touch by your feet.
Wednesday, 24 January 2018
महाजनस्य संसर्गः, कस्यनोन्नतिकारकः।
पद्मपत्रस्थितं तोयम्, धत्ते मुक्ताफलश्रियम् ॥
जिस प्रकार कमल के पत्ते पर पड़ी हुई पानी की बूँद मोती जैसी शोभा प्राप्त कर लेती है उसी प्रकार महापुरुषों का सामीप्य एवं सान्निध्य किसके लिये लाभदायक तथा उन्नतिकारक सिद्ध नही होता।
Just as the drops of water lying on lotus leaves become like a pearl, so does the proximity of great men and proximity to them do not prove to be beneficial and progressive.
Sunday, 21 January 2018
सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम् |
वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव संपदः ||
अचानक ( आवेश में आ कर बिना सोचे समझे ) कोई कार्य नहीं करना चाहिए कयोंकि विवेकशून्यता सबसे बड़ी विपत्तियों का घर होती है | ( इसके विपरीत ) जो व्यक्ति सोच –समझकर कार्य करता है ; गुणों से आकृष्ट होने वाली माँ लक्ष्मी स्वयं ही उसका चुनाव कर लेती है |
Thursday, 7 December 2017
Wednesday, 29 November 2017
वनेऽपि सिंहा मॄगमांसभक्षिणो
बुभुक्षिता नैव तॄणं चरन्ति |
एवं कुलीना व्यसनाभिभूता
न नीचकर्माणि समाचरन्ति ||
Lions in forest, who eat flesh of other animals - will not eat grass even if they are very hungry. Similarly, persons born in good families will not perform any misconduct even in odds.
जंगल मे मांस खानेवाले शेर भूख लगने पर भी जिस तरह घास नही खाते, उस तरह उच्च कुल मे जन्मे हुए व्यक्ति (सुसंस्कारित व्यक्ति) संकट काल मे भी नीच काम नही करते।
आचाराल्लभते ह्यायु: आचारादीप्सिता: प्रजा:।
आचाराद्धनमक्षयम् आचारो हन्त्यलक्षणम्॥
Righteousness gives long life, righteousness gives desired progeny, righteousness gives ever-lasting wealth, righteousness destroys other defects.
सदाचार से आयु की प्राप्ति होती है, सदाचार से अभिलषित संतान की प्राप्ति होती है, सदाचार से कभी न नष्ट होने वाले धन की प्राप्ति होती है, सदाचार से बुरी आदतों का नाश होता है ।